हिन्दी की वर्तमान दसा


बड़े दुःख की बात है कि वर्तमान समय में हिन्दी हमारी केबल नाम मात्र की भाषा रह गई है। सम्पूर्ण देश में लोगों ने अंग्रेजी को महत्व देना शुरु कर दिया है देश के अधिकांश विद्यालयों ने अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बना रखा है जिस कारण बच्चों को 1,2,3...... का भी ज्ञान नहीं है किन्तु वे one,two,three....... को अच्छी तरह जानते है,  उन्हें यह नही बताया जाता है कि हम अपने दैनिक जीवन के हिसाब 1,2,3.... में रखते हैं ना कि one two three....  में हमारे देश का गौरवमय इतिहास हिंदी में छिपा हुआ है ना कि अंग्रेजी में। अंग्रेजी का कोई इतिहास और ना ही कोई व्याकरण है यह सिर्फ हिंदी व्याकरण पर चलती है अंग्रेजी का कोई शुद्ध उच्चारण नहीं है इसके एक ही वर्ण के कई उच्चारण होते हैं फिर भी हम हिंदुस्तान में हिंदी की अपेक्षा अंग्रेजी को अधिक महत्व दे रहे हैं वह दिन दूर नहीं है जब हिंदी केवल एक नाम मात्र की भाषा रह जाएगी इसलिए संपूर्ण हिंदुस्तानियों से निवेदन है कि हिंदी को सर्वोच्च बनाए रखें।
         हिंदी भाषा पर कुछ पंक्तियां।         

हिंदी को वनवास दे ,अंग्रेजी को राज।

हमने 70 साल में कैसा गड़ा समाज।।

हिंदी हिंदुस्तान में , हुई सेविका आज।

पटरानी बनकर यहां,अंग्रेजी करती राज

हिंदी में है चेतना, हिंदी में है प्राण।

हिंदी में है देश का, स्वाभिमान सम्मान।

हिंदी सूर कबीर है ,हिंदी है रसखान।

आओ सब मिलकर करें, हिंदी का उत्थान।।

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